Tuesday, January 17, 2012

Black Money is protected by Black Cat Commondos?

ये चमकते हुए चुनावी चेहरे?

पाँच राज्य में हो रहे, हैं इस बार चुनाव.
नेता-गण ले घूमते, ब्लैक-कैट वे भाव.

ब्लैक मनी से है जुड़ा, ब्लैक-कैट सम्बन्ध.
जिसपर है जितना मनी, उतना ही अनुबन्ध.

इनके चेहरों की  चमक, औ' देखिये जुनून.
उसके पीछे  है  छुपा, जनता का ही खून.

चाहे हों वह बहिनजी, या भैया का राज.
पीछे-पीछे चल रहे, सूट पहन जमराज.

हिम्मत हो तो घूमिये बिना कमाण्डो यार.
कोई ऊधम सिंह फिर, कर देगा उद्धार.



  

3 comments:

ZEAL said...

राहुल-केतू-गांधी भयभीत है ! क्रोध से भभक रहा है! एक और माया का हाथी दबा रहा है उसे , दूसरी ओर उमा भारती का भगवा आतंकित कर रहा है बेचारे को! रही सही कसर रामदेव के समर्थकों ने पूरी कर दी ! अपनी काली दाल कहीं भी गला ले ये इसाई सरकार , लेकिन उत्तर-प्रदेश वाले इन विदेशियों को कभी स्वीकार नहीं करेंगे!----तरस आ रहा है राहुल पर ! बेचारे को इसकी माँ ने और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की आग में झोंक दिया ! बहुत गलत निर्णय लिया है ! कल इसकी शकल देखने लायक थी ! इसके मुंह से चोर, जूता, चप्पल जैसे अपशब्द सुनकर इसपर तरस बढती जा रही थी ! लग रहा था बेचारा फ्रस्ट्रेट होकर अभी रो पड़ेगा ! उमा भारती बहुत ओजमयी वक्ता हैं , उधार का भाषण नहीं देतीं ! उनके आगे अच्छे-अच्छे नहीं टिक सकते फिर राहुल की तो कोई औकात ही नहीं है ! राहुल से बेहतर तो उत्तरप्रदेश की गलियों में क्रिकेट खेलते बच्चे ही हैं !

KRANT M.L.Verma said...

वैसे तो चुनाव आयोग हर व्यक्ति पर नजर रख रहा है पर उसे इन काली बिल्लयों पर होने वाले खर्च का हिसाब माँगना नहीं आता.प्रधान मन्त्री मुख्य मन्त्री पर सुरक्षा का मतलब तो समझ आता है पर जिसे देखो वह पूरी फ़ौज लिये घूमता है.मेरा गत वर्ष गुजरात जाना हुआ मुझे वहाँ पुलिस कमाण्डो दारू की दुकान कहीं नजर न आयी मन किया यहीं बस जाऊं.

अवधेश पाण्डेय said...

badhiyaa, desh ko udham singh ki jaruruat hai.