लोहा ही लोहे को काटता है !
मित्रो! देशी कहावत है कि लोहा ही लोहे को काटता है. त्रेता युग में जब रावण के नेतृत्व में राक्षसों का अत्याचार बढ़ा और किसी भी तरह से काबू न पाया जा सका तो विश्वामित्र ने राजा दशरथ से जाकर उनके पुत्र राम को माँगा और उन्हें जाकर राज्य में हो रहे अत्याचारकी तस्वीरें दिखायीं. उन्होंने विश्वामित्र के निर्देश पर रावण के कई आतंकी अड्डों को ध्वस्त किया और जनकपुर से सीता को ब्याह कर अयोध्या वापस लौट आये. राजा दशरथ उन्हें राज्य सौंपने ही वाले थे कि केकई ने उन्हें १४ वर्ष के लिये तड़ीपार (देश निकाले) का आदेश देकर जंगल में भेज दिया. उन्होंने जाकर वनवासी,ग्रामवासी भील, कोल, और किरात जैसी जन जातियों को संगठित किया तो रावण ने सत्ता मद में चूर होकर उनकी पत्नी का ही अपहरण कर लिया. जिसका परिणाम सारी दुनिया ने देखा कि राम ने लंका में घुस कर रावण का वध किया और उसी के भाई बिभीषण को सत्ता सौंपकर अत्याचार समाप्त किया.
द्वापर में जब कंस का अत्याचार चरम सीमा पर पहुँच गया तो उसी की सगी बहन देवकी के गर्भ से कृष्ण ने
जन्म लिया और पापी कंस का वध किया. यही नहीं,जब कौरव अपने भाइयों के खिलाफ अत्याचार पर उतर आये तब उन्होंने अर्जुन का सारथी बनकर पूरे १८ दिन युद्ध का नेतृत्व किया और कौरवों का विनाश कर पाण्डवों को सत्ता सौंप द्वारका चले गये.
कलयुग में कांग्रेस के हाथों देश की सत्ता सौंपकर गान्धीजी ने बँटवारेके बाद भी पाकिस्तानका पक्ष लेना प्रारम्भ कियाऔर जिद पर अड़ गये तो गोडसे ने उनका वध किया.जब आतंकवाद का पर्याय बन चुके ओसामा बिन लादेन का दबदबा हद से ज्यादा बढ़ने लगा तो अमेरिकाकी जनता ने इस्लामी मूल के बराकहुसैनओबामा कोराष्ट्रपति चुना और उसे आतंक से निपटने के अधिकार सौंप दिये. आख़िरकार ओबामानेओसामाको पाकिस्तान की जमीन पर घुसकर मारा.
अब हिन्दुस्तान में कांग्रेस ने करप्शन को खुली छूट देकर करप्शन के खिलाफ बोलने वालों पर ही शिकंजा कसना शुरू कर दिया तो यह निश्चित समझिये कि कांग्रेस का खात्मा करप्शन ही करेगा अन्ना और बाबा नहीं, अंग्रेजी अक्षरों में पहले ए फिर बी उसके बाद सी और डी ही आता है. ए और बी यानी अन्ना और बाबा मिल कर कांग्रेस का कुछ बिगाड़ नहीं पाये अब सी और डी यानी करप्शन और दिग्विजय सिंह मिलकर ही कांग्रेस को मिटायेंगे. भगवान से हमारी प्रार्थना है कि कांग्रेस करप्शन को खूब बढ़ाये, दो चार दिग्विजय जैसे दिग्गज और आगे लाये और नेहरू खानदान के इस विशाल वट वृक्ष की जड़ोंमें करप्शन का मट्ठा इसी प्रकार लगातार डालती जाये तभी यह मिटेगा क्योंकि लोहे को लोहा ही काटता है. जब तक इस देश में कांग्रेस का राज रहेगा और जब तक नेहरू खानदान का एक कुत्ता भी भौंकने के लिये शेष रहेगा तब तक हिन्दुस्तान का भला नहीं होने वाला यह बात देश की सभी अगड़ी-पिछड़ी
पार्टियों को समझ लेनी चाहिये और यदि वे नहीं समझतीं तो इस देश की जनता को समझनी और समझानी चाहिये. मेरे पिताजी, जब मैं सन १९५२ में पाँच वर्ष का था तब से अपनी मृत्यु पर्यन्त १९७० तक कहते रहे कि कांग्रेस ने इस देश का नाम हिन्दुस्तान से बदल कर इण्डिया यानी भारत किया और नोट पर गान्धीजी की तस्वीर छापकर करप्शन को खुली छूट दे दी. मुझे खूब याद है वे बल्लभ जी की एक कविता सुनाया करते थे जिसके बोल थे:
"कांग्रेस ने कर डाली बरबादी हिन्दुस्तान की,
भारत के दो टूक किये जड़ डाली पाकिस्तान की."
भारत के दो टूक किये जड़ डाली पाकिस्तान की."




